न करो तुम अपनी मनमानी
मान भी जाओ, न करो नादानी
आउंगी इस दुनिया में तो मैं तुम्हें दिखाऊंगी
नाम करुंगी रोशन तुम्हारा, आदर्श स्त्री कहलाऊंगी
जब तक रहेगा साथ तुम्हारा, तबतक यह अहसास रहेगा
जीना सिखाया मुझ बाला को, पूर्ण आत्मविश्वास बढे़गा
आप देंगे संस्कार मुझे, अबला बच्ची जानकर
मैं उन्हें सफल बनाऊंगी, आदर्श सिद्धांत मानकर
आपकी मेरे प्रति समर्पित भावना पर
हर पल फूल चढ़ाऊंगी मैं,
करेंगे जो नेक उपकार मुझपर
न भूल उसे पाऊंगी मैं
आपके मेरे ऊपर किए उपकारों का,
कैसे बदला चुकाऊंगी मैं,
बस आपकी आन-शान की लाज रखकर
अपना भविष्य उज्जवल बनाऊंगी मैं
अगर आप देंगे अपनापन-सा
अधिकार जीवन जीने का,
तभी यह रिश्ता जुड़ पाएगा
मान भी जाओ, न करो नादानी
आउंगी इस दुनिया में तो मैं तुम्हें दिखाऊंगी
नाम करुंगी रोशन तुम्हारा, आदर्श स्त्री कहलाऊंगी
जब तक रहेगा साथ तुम्हारा, तबतक यह अहसास रहेगा
जीना सिखाया मुझ बाला को, पूर्ण आत्मविश्वास बढे़गा
आप देंगे संस्कार मुझे, अबला बच्ची जानकर
मैं उन्हें सफल बनाऊंगी, आदर्श सिद्धांत मानकर
आपकी मेरे प्रति समर्पित भावना पर
हर पल फूल चढ़ाऊंगी मैं,
करेंगे जो नेक उपकार मुझपर
न भूल उसे पाऊंगी मैं
आपके मेरे ऊपर किए उपकारों का,
कैसे बदला चुकाऊंगी मैं,
बस आपकी आन-शान की लाज रखकर
अपना भविष्य उज्जवल बनाऊंगी मैं
अगर आप देंगे अपनापन-सा
अधिकार जीवन जीने का,
तभी यह रिश्ता जुड़ पाएगा
बंधन, एकता और प्यार का
संदीप कुमार, 9416964679


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