पुलिस, पब्लिक और पॉलीटिशियन हरदम जिसके दिल में रहते हैं
यह है वो शख्सियत, जिसे पत्रकार हम कहते हैं
पुलिस मारें डंडे इनको, पुलिस डाले केस
फिर भी हारे ना यह जीवन में अपनी रेस
आजकल पत्रकार पर जो करदे टेढ़ी नजर से वार
उसे समझा जाता है लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार
जो जुड़े है इस फील्ड से, सबको उन पर नाज है
लोगों को लिए जो कल है, उनके लिए वह आज है
अपने लिए यह लड़ते नहीं, दूसरों के लिए लड़ते हैं
दिन-घूम इकट्ठी करें, जो खबरें सुबह हम पढ़ते हैं
सच्चाई के लिए जो कुछ भी करने को तैयार हैं
सही मायने में उस समय वह सच्चे पत्रकार हैं
जो पत्रकारिता को समझे गुरु की बाणी, पत्रकारिता को कुरान भी
पत्रकारिता उसका धर्म भी हो, पत्रकारिता उसका ईमान भी
उनकी पत्रकारिता में जोश हो, लिखने का जुनून भी
उनमें सच लिखने का दम है अगर तो डरता है कानून भी
पत्रकार चांद जैसे नर्म भी है, सूरज जैसी आग हैं
जो बिक जाएं झूठ की खातिर, वो पत्रकारिता पर दाग हैं
ऐसे लोगों को दूर करें, आप अपने आप से आज से,
इनके कारण ही गिरती है पत्रकार की साख समाज से
मैं भी बनना चाहता हूं, एक अच्छा पत्रकार
कुछ सीखा है, कुछ सीखने को हूं तैयार
जो सीखूगां यहां से, दूसरों से काम लाऊं
तभी सही मायने में मैं पत्रकार कहलाऊं
विजय जैन, 9643004550, 8054002331
यह है वो शख्सियत, जिसे पत्रकार हम कहते हैं
पुलिस मारें डंडे इनको, पुलिस डाले केस
फिर भी हारे ना यह जीवन में अपनी रेस
आजकल पत्रकार पर जो करदे टेढ़ी नजर से वार
उसे समझा जाता है लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार
जो जुड़े है इस फील्ड से, सबको उन पर नाज है
लोगों को लिए जो कल है, उनके लिए वह आज है
अपने लिए यह लड़ते नहीं, दूसरों के लिए लड़ते हैं
दिन-घूम इकट्ठी करें, जो खबरें सुबह हम पढ़ते हैं
सच्चाई के लिए जो कुछ भी करने को तैयार हैं
सही मायने में उस समय वह सच्चे पत्रकार हैं
जो पत्रकारिता को समझे गुरु की बाणी, पत्रकारिता को कुरान भी
पत्रकारिता उसका धर्म भी हो, पत्रकारिता उसका ईमान भी
उनकी पत्रकारिता में जोश हो, लिखने का जुनून भी
उनमें सच लिखने का दम है अगर तो डरता है कानून भी
पत्रकार चांद जैसे नर्म भी है, सूरज जैसी आग हैं
जो बिक जाएं झूठ की खातिर, वो पत्रकारिता पर दाग हैं
ऐसे लोगों को दूर करें, आप अपने आप से आज से,
इनके कारण ही गिरती है पत्रकार की साख समाज से
मैं भी बनना चाहता हूं, एक अच्छा पत्रकार
कुछ सीखा है, कुछ सीखने को हूं तैयार
जो सीखूगां यहां से, दूसरों से काम लाऊं
तभी सही मायने में मैं पत्रकार कहलाऊं
विजय जैन, 9643004550, 8054002331


0 comments:
Post a Comment